आमुख

Hindi Shabdkosh

हिंदी शब्दकोश बनाने की कल्पना पत्रकारिता में करियर बनाने के बाद ही आई। अलग- अलग हिंदी भाषी क्षेत्रों से लोग हिंदी पत्रकारिता से जुड़ रहे हैं। इससे हिंदी पत्रकारिता समृद्ध होगी, इसमें किसी को शक नहीं। पर एक चीज मुझे सालती रही। क्षेत्र विशेष में हिंदी पर पड़ने वाले क्षेत्रीयता के असर से लोग मुक्त होना नहीं चाहते। यह गलत है। क्षेत्र विशेष के खास शब्द हिंदी शब्दकोश को उन्नत बनाएंगे, लेकिन हिंदी भाषा के लिए तैयार मानक का पालन तो होना ही चाहिए। यह अनुशासन और स्वतंत्रता के बीच की रेखा है। इसका पालन हिंदी के हित में होगा।इस ब्लाग का उद्देश्य हिंदी में शब्दों के प्रयोग को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्या को दूर करना है। हिंदी में लिखने वालों की सबसे बड़ी समस्या लिंग निर्णय को लेकर होती है। नोटिस का प्रयोग पुंल्लिंग के रूप में किया जाये या स्त्रीलिंग के रूप में, इस पर पर्याप्त मतभिन्नता देखने को मिल जाएगी। अंग्रेजी के शब्दों को लेकर तो यह समस्या और गंभीर हो जाती है। तकनीक और विज्ञान के विकास के साथ हमने बहुत सारे अंग्रेजा के शब्दों को अपनाया है। अच्छी बात है। इससे हिंदी भाषा की ग्रहण शक्ति का पता चलता है। लेकिन समस्या तब आती है, जब क्षेत्र विशेष में उसका प्रचलन स्थानीय प्रभाव के अनुरूप होने लगता है। मसलन...... दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में गेम शब्द का प्रयोग स्त्रीलिंग के रूप में किया जाता है, लेकिन बिहार, छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेशों में इसका प्रयोग पुंल्लिंग के रूप में होता है। हमारा प्रयास इसी पर विचार करना है। निश्चित तौर पर यह प्रयास बिना आपके सक्रिय सहयोग के संभव नहीं होगा। आपके विचार और सुझाव मेरे लिए बेहद मायने रखेंगे।